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कठमुल्ला सांसद बर्क की सदस्यता रद्द करो!
23-Jun-2019
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अश्विनीकुमार मिश्र, संपादक,निर्भय पथिक,
ashva_m@hotmail. com
17 वीं लोकसभा के शपथ ग्रहण के समय वन्देमातरम को लेकर जो घिनौनी तकरार हुई वह बेहद शर्मनाक ही नहीं बल्कि चुन कर आये उस कठमुल्ले सांसद में देश के प्रति भरी नफरत की भावना का परिचायक है। 18 जून को संसद में शपथ ग्रहण के समय समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश से चुनकर आये सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने वन्देमातरम को लेकर जो टिपण्णी की वह सभी सांसदों को आपत्ति जनक लगी। बर्क सम्भल क्षेत्र-उत्तरप्रदेश से पांचवीं बार चुनकर आये हैं और वरिष्ठ सदस्य हैं। उन्होंने शपथ लेने के बाद कहा कि वंदेमातरम इस्लाम के खिलाफ है। उनका यह बयान शर्मनाक है। और राष्ट्रद्रोह की भावना से प्रेरित लगता है। इतने बुजुर्ग सांसद होने के बावजूद उन्होंने न तो संसद की गरिमा का ख्याल रखा और न इस से जुडी देश की भावना का। उनके इस वक्तब्य को किसी जाहिल की तकरीर ही कहा जा सकता है।
यह किसी कठमुल्ले की बांग है। जिस वंदेमातरम का जयगान करते हुए कई शहीद फांसी पर चढ़ कर देश को स्वतंत्रता दिलाई है। स्वतंत्रता के मन्त्र का यह अपमान कैसे देश सहन कर सकता है। अपनी लोकसभा क्षेत्र के मुस्लिमों को संतुष्ट करने के लिए बर्क ने देश की राष्ट्रभक्ति को अपमानित करने वाला बयान दिया। इस से उनके भीतर भारत द्वेष की भावना झलकती है। ऐसे राष्ट्रविरोधी सांसद की सदस्य्ता रद्द कर देनी चाहिए। जिस वन्देमातरम का गायन करते हुए अशफाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल, शहीद भगत सिंह जैसे शहीदों ने देश की स्वतंत्रता के लिए जान न्योछावर कर दिया। वैसे स्वतंत्रता के मन्त्र को इस्लाम विरोधी बताने वाला मुल्ला बर्क का दिमागी दिवालियापन साफ़ झलकता है।
देश की भावना का विचार करें तो पहले उनका शपथ ग्रहण रद्द करना चाहिए। जिस मानसिकता में वह वहाँ आचरण कर रहे थे उस से यह लगता है कि वह पगला गए हैं। कुछ समय पहले देश की वफादारी की शपथ लेनेवाला यह कठमुल्ला बर्क सचमुच मुस्लिम जाति का एक कलंक ही है। क्योंकि देश की स्वतंत्रता के लिए मुसलमान भी शहीद हुए, तब सबने यह वन्देमातरम गाया था। आज ये सठियाया बूढ़ा वर्क को वन्देमातरम सांप्रदायिक कैसे लगने लगा? ऐसे सांसद को संसद में बैठने का कोई अधिकार नहीं है। उनका सदन में रहना लोकतंत्र का अपमान है और देश के लिए घातक है। देश को ऐसे विचार के लोगों से निपटने के लिए जनप्रतिनिधि क़ानून सहित चुनावी आचार संहिता में सुधार करने या क़ानून बनाने की जरूरत है। देश में इस्लाम के नाम पर पकिस्तान का झंडा लहराने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई जरूर किया जाना चाहिए। लोकसभा के अध्यक्ष ऐसे सांसद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करें। इस तरह की मानसिकता वाले सांसद देश का क्या भला करेंगें जिनके मन में देश के राष्ट्र गीत के प्रति ऐसी भावना हों। हमारे देश का लोकतंत्र परिपक्व हो रहा है। लेकिन इस तरह के जाहिल राष्ट्रद्रोही नेता कैसे चुन कर संसद पहुँचते हैं यह भी सोचनीय है।”

